मैं Facebook दबंगों को कैसे रोकूँ?

प्रिय सुश्री टेक, Facebook पर मेरे मित्र एक सहपाठी/सहपाठिनी के बारे में घटिया बातें और अफवाहें पोस्ट कर रहे हैं। वे सच में घटिया बातें कह रहे हैं और मुझे नहीं लगता कि इसमें कुछ सच्चाई है! मुझे यह सब अच्छा नहीं लग रहा है लेकिन मैं डरती हूँ कि अगर मैंने इसके खिलाफ आवाज़ उठाई तो वे सब मुझ पर टूट पड़ेंगे। उन्हें रोकने के लिए मुझे क्या करना चाहिए?

हस्ताक्षरित, अपराधबोध से ग्रस्त

प्रिय अपराधबोध से ग्रस्त,

आप जिस समस्या का सामना कर रही हैं उसे साइबर (ऑनलाइन) बुलींग कहते हैं। यह उतना ही नुक्सानदायक और दुखदायी होता है जितना अगर सच में किया जाए तो महसूस होता है। इतना नुक्सानदायक होने के कारण ही इसे कुई देशों में अपराध का दर्जा मिला हुआ है।

इस बारे में आप अपने मित्रों से व्यक्तिगत रूप से बात करने की कोशिश करें, मुझे पता है कि इस तरह की परिस्थिति का सामना करना कितना डरावना हो सकता है, खासकर तब जब वह आपको सीधा प्रभावित न करता हो। और मैं आपको झूठी तसल्ली नहीं दूँगी, इससे आप भी बुलींग का शिकार हो सकती हैं! लेकिन गौर करने की बात यह है कि क्या आप इन दबंगों की मित्र बनी रहना चाहती हैं?

इससे निपटने का एक तरीका यह है कि आप अपने मित्रों को यह महसूस कराएँ कि अगर वे उस व्यक्ति की जगह खुद को रखें जिसे वे परेशान कर रहे हैं तो उन्हें कैसा महसूस होगा। आप उन्हें उनके दुखदायी कार्यों को बंद करने के लिए राज़ी भी करा सकती हैं। और वैसे यह आपका इरादा तो नहीं होना चाहिए लेकिन यह सच है कि लोग शर्मिंदा तो होते हैं जब ऐसा कोई जिसे वे मान देते हों उनके दोषों के बारे में उन्हें ध्यान दिलाए।

अगर इससे भी बात नहीं बनती तो आप अपने सहपाठी/सहपाठिनी की मदद कर सकती हैं कि वह इसकी रिपोर्ट किसी भरोसेमंद अभिभावक या शिक्षक से करे। इस पूरी प्रक्रिया में ऐसा हो सकता है कि आप एक या दो मित्र खो दें लेकिन आप बिल्कुल सही राह पर चल रही होंगी। किसी वयस्क या अधिकारी स्तर के व्यक्ति को इस कोशिश में शामिल करना साइबर बुलींग समाप्त करने में आपकी मदद कर सकता है। इससे आप यह भी संदेश देंगी कि साइबर बुलींग गलत है।

हौंसला रखें! सस्नेह सुश्री टेक

04 February 2016
Sajan द्वारा अनुवाद किया गया