जब लड़कियाँ आवाज़ उठाती हैं
वे दुनिया को सुनने के लिए मजबूर कर सकती हैं!

दुनिया भर में लड़कियाँ अनूठी चीज़ें कर रही हैं और दूसरों को ऐसा करने के लिए प्रेरित कर रही हैं। यहाँ दो के बारे में बताया गया है…

वह लड़की जिसने ट्रैफ़िकिंग के संबंध में अपनी आवाज़ उठाई

आख़िरी वक्त पर बचा लिए जाने से पहले, ट्रैफ़िकरों द्वारा USD$400 में खरीदे जाने के बाद, 19-साल की सोमिला को लगभग वैश्यवृत्ति के लिए बेच दिया गया था। इस घटना के बाद उसके लिए छुपकर रहना आसान रहा होता, लेकिन सोमिला ने चुप रहने से मना कर दिया और भारत में हुए अपने कटु अनुभव के बारे में आवेशपूर्ण तरीके से अपनी बात रखी: "उन्हे यह अहसास होना चाहिए कि वे बेटियों को उनके माता-पिता से अलग नहीं कर सकते और हमें बेवकूफ़ नहीं बना सकते। वे हमसे झूठ बोलते हैं और हमें बेवकूफ़ बनाते हैं। वे हमें धोखा देते हैं।"

वह लड़की जिसने बाल विवाह के बारे में सच बोला

वैसे तो भारतीय कानून कहता है कि लड़कियों का विवाह 18 साल की उम्र के बाद ही होना चाहिए, लेकिन उनमें से आधी लड़कियों के साथ ऐसा नहीं होता है। अक्सर, ऐसा निर्णय लेने वाले उन लड़कियों के माता-पिता ही होते हैं, इसलिए लड़कियों के लिए अपनी आवाज़ उठाना मुश्किल और डरावना होता है। जब 13 साल की कमला ने बाल विवाह के संबंध में उसकी रिपोर्ट के लिए विदेशी संबंध के परिषद से बात की, तो उसके सच्चे और खरे जवाबों ने बिल्कुल नई तस्वीर सामने रख दी। उसने अपने साक्षातकारकर्ता से कहा कि "जब मेरे माता-पिता ने विवाह के बारे में बात की, तो मुझे तो 'विवाह' का मतलब भी नहीं पता था"। उसके द्वारा बोलने का साहस इस गतिविधि को करने वाले प्रेरणादायक दुनिया के लीडर हैं।

लड़की के रूप में पैदा होने का मतलब यह नहीं होना चाहिए कि लड़कों की तुलना में कम आज़ादी और अधिकारों के साथ जिया जाए। लड़कियाँ आगे बढ़ने और दुनिया की नज़र में आने के लिए तैयार हैं। इन युक्तियों के साथ पहला कदम उठाएँ!

20 March 2015
Sajan द्वारा अनुवाद किया गया